राबर्ट्सगंज लोकसभा: बसपा बिगाड़ सकती है दूसरे दलों का गणित

  • बसपा मुखिया के अकेले चुनाव लड़ने के निर्णय के बाद सक्रिय हुए कार्यकर्ता
  • जिले में सवा छह लाख पिछड़ी, पौने चार लाख अनुसूचित जाति की है आबादी
  • भाजपा, सपा, कांग्रेस के साथ ही अन्य संगठन भी बूथ मजबूत करने में हैं जुटे
  • सोनभद्र : लोकसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दल उसके मजबूती की नींव तैयार करने में जुटे हुए हैं। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। बसपा भी इसको लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। देश में गठबंधन के जरिए चुनाव की वैतरणी पार करने में एक दूसरे का दामन थाने जुटे राजनीतिक दलों से इतर बसपा ने अकेले दम पर लोकसभ चुनाव लड़ने की घोषणा कर कार्यकर्ताओं में उत्साह फूंक दिया है। हाल में ही बसपा मुखिया ने लखनऊ में पार्टी नेताओं की बैठक के बाद लोकसभा चुनाव बगैर किसी से गठबंधन किये लड़ने की घोषणा की है। जिले में जातीय आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक सवा छह लाख आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग की है। उसके बाद दूसरे नंबर पर अनुसूचित जाति की आबादी करीब पौने चार लाख है। तीसरे नंबर पर साढ़े तीन लाख आबादी अनुसूचित जनजाति वर्ग की है। जबकि सामान्य वर्ग की आबादी करीब दो लाख है। यदि चुनाव में जातीय समीकरण हावी हुआ तो बसपा अन्य दलों का गणित फेल कर सकती है। बसपा के जिलाध्यक्ष बी. सागर कहते हैं पार्टी की मुखिया ने जो निर्णय लिया है वह सराहनीय है। जिला स्तर पर लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। जगह-जगह बूथों पर बैठक अनवरत जारी है। समय-समय पर जिला कार्यालय व अन्य जगहों पर जिला स्तरीय बैठक कर बूथों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए कई दावेदार हैं।

    अंबिका चौधरी, शिवगतउल्लाह सपा में शामिल

      - भाव विह्वल हुए पूर्व मंत्री अंबिका फूट फूट कर रोए
    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पूर्व में मंत्री रहे अंबिका चौधरी और गाजीपुर से पूर्व में विधायक रहे शिवगत उल्लाह अंसारी ने शनिवार को सपा कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष सपा की सदस्यता ग्रहण कर लिया। इस दौरान पूर्व मंत्री भाव विह्वल हो गए और फूट-फूट कर रोए। उन्होंने सपा से पूर्व में दूर होने को एक भूल बताया और कहा कि आगे वह सपा को मजबूत करने में हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार भी जताया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंबिका चौधरी और शिवगत उल्लाह के पार्टी में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और आगामी 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। शनिवार को समाजवादी पार्टी में सदस्यता कार्यक्रम में एक भावनात्मक माहौल बन गया। सपा दफ्तर में बहुप्रतीक्षित सदस्यता कार्यक्रम तय था। ये सदस्यता पूर्व मंत्री और कभी कद्दावर सपाई रहे अंबिका चौधरी का था। अंबिका चौधरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल कराया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भावनात्मक बातों से अंबिका चौधरी खुद को संभाल नही पाए और मंच पर अखिलेश यादव के सामने फूट फूट कर रो पड़े। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बहुत भावुक हो गए हैं अंबिका चौधरी, जो कहना चाह रहे थे वो भी नही कह पा रहे थे। कितने कष्ट से ये दूसरे दल में गए होंगे आज मुझे एहसास हुआ है। मेरी कोशिश रहेगी, नेताजी से जुड़े हुए सभी लोगों को एक साथ लाया जाए। न जाने क्यों बहुत मजबूत रिश्ते आसानी से टूट जाते हैं लेकिन अब फिर से सब सही हो रहा है। राजनीति में उतार चढाव आते हैं लेकिन सही समय पर जो साथ थे वही साथी है।