पुरानी पेंशन बहाली के लिए महिलाएं आई आगे

  • नारी शक्ति जाग चुकी है, बिना पेंशन लिये चैन से नहीं बैठेगी
  • लखनऊ के कृषि विभाग स्थित सभागार में नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन

  • लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के तत्वावधान में रविवार को लखनऊ में कृषि विभाग स्थित सभागार में नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु थे। इस अवसर पर विजय कुमार बन्धु ने सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी में पहली बार मातृशक्तियों ने इस सभागार को भर कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है कि महिलाएं भी पुरानी पेंशन बहाली के अभियान में पुरुषों से कम नहीं है। सुमन कुरील ने कहा कि सरकार हठधर्मिता छोड़ पुरानी पेंशन बहाल करे। नारी शक्ति जाग चुकी है वह बिना पेंशन लिये चैन से नहीं बैठेगी। डी एन सिंह ने कहा कि अब महिलाओं ने भी ठान लिया है कि किसी भी कीमत पर पुरानी पेंशन बहाल करा कर ही दम लेंगे। कार्यक्रम आयोजक व अटेवा की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रंजना सिंह ने कहा नारी शक्ति ने आर पार का मन बना लिया है, अब वह रुकने वाली नहीं है और पुरानी पेंशन तो अब लेकर रहेंगे। अटेवा महिला प्रकोष्ठ सह प्रभारी ज्योतिशिखा मिश्रा ने कहा कि अटेवा द्वारा हाल ही एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा काफी सफल रही इस यात्रा ने पूरे प्रदेश के शिक्षक व कर्मचारियों को जागरूक करने का काम किया है। अटेवा प्रदेशसंयुक्त मंत्री राधा प्यारी रावत ने कहा कि आज प्रदेश का हर शिक्षक व कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली के लिये अटेवा के साथ खड़ा है। अटेवा महिला प्रकोष्ठ प्रदेश सह प्रभारी डा. नीतू यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन ही सरकारी शिक्षक व कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है। आज कई राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है। उप्र सरकार पुरानी पेंशन बहाल करे। सम्मेलन का संचालन पार्वती विश्वकर्मा ने किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजकीय नर्सेज संघ की प्रदेश अध्यक्ष शरली भण्डारी व पीजीआई नर्सेज संघ लखनऊ की अध्यक्ष लता सचान ने कहा राजकीय नर्सेज व पीजीआई के कर्मचारी हमेशा अटेवा के आंदोलन मे साथ खड़ा रहा है और पेंशन तो बहाल होकर रहेगी। सम्मेलन मे ललिता ,अंशू सिंह, नीलम सिंह, मंजू सिंह, रामेंद्री गुरियन, मंजू सिंह, सरला वर्मा, अंजू माली, कंचन सिंह रंजीत कौर, सुमन कुरील, विनीता यादव, रेनू शुक्ला सहित बड़ी संख्या मे मातृशक्तियां मौजूद रहींl

    आस्था का सम्मान,अराजकता पर जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री

  • आगामी त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

  • शोभायात्रा/जुलूस में ऐसी कोई भी गतिविधि न हो जो दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को करे उत्तेजित,न बजें अश्लील/फूहड़ गीत

  • मुख्यमंत्री का निर्देश, कोई घटना छोटी नहीं,तत्काल मौके पर पहुंचें वरिष्ठ अधिकारी
  • लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी दिनों में होलिकोत्सव, शब-ए-बारात, रमजान, नवरोज़, चैत्र नवरात्र, राम नवमी आदि महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन के संबंध में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिला, रेंज, जोन व मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी दिनों में होलिकोत्सव, शब-ए-बारात, रमजान, नवरोज़, चैत्र नवरात्र, राम नवमी आदि महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। अनेक स्थानों पर शोभायात्राओं का आयोजन होगा, मेले आदि लगेंगे। उल्लास और उमंग के इस विशेष पर्व कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। अतः हमें सतत सतर्क-सावधान रहना होगा। विगत छह वर्षों में प्रदेश में सभी धर्म-सम्प्रदाय के पर्व-त्योहारों के आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुए हैं। इस क्रम को आगे भी बनाये रखना होगा। पर्व-त्योहार में शासन द्वारा सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा/आस्था को सम्मान दें, किंतु अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोजकों को अनुमति देने से पूर्व उनसे शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के सम्बंध में शपथ पत्र लिया जाए।
    सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार पूरी कठोरता की जाए।
    होली के मौके पर कतिपय शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पीआरवी 112 एक्टिव रहे। सोशल मीडिया को लेकर अलर्ट रहें।
    शोभायात्रा/जुलूस में ऐसी कोई भी गतिविधि न हो जो दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को उत्तेजित करे। अश्लील/फूहड़ गीत कतई न बजें। धर्मस्थलों पर रंग न डाले जाएं।
    थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक कर लें। शांति और सौहार्द के लिए मीडिया का सहयोग लें।
    त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान बिना विलंब किए तत्काल खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। सेक्टर स्कीम लागू करें। छोटी सी अफवाह माहौल को बिगाड़ सकती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहना होगा। गोवंश की तस्करी और अन्य संबंधित अपराध से जुड़े संदिग्ध लोगों पर नजर रखें। पर्व-त्योहार की खुशियां लोग अपने परिजनों के साथ मनाना चाहते हैं। दूसरे प्रदेशों/नगरों में प्रवासरत लोग होली के मौके पर अपने घरों को लौटेंगे। इसी बीच, फसलों की कटाई का भी समय है। लोगों को गंतव्य तक आवागमन में सुविधा हो, इसके लिए परिवहन विभाग को समय से तैयारी कर लेना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त बसों को लगाया जाए। आवश्यकतानुसार अनुबंधित बसों की संख्या बढाएं। कहीं भी लोगों को आवागमन में समस्या न हो, हर रूट पर बसों की उपलब्धता बनी रहे। स्वच्छ परिवेश, त्योहार का उल्लास बढ़ाने वाला होता है। ऐसे में गांव हो या शहरी क्षेत्र, त्योहारों के मौके पर हर जगह साफ-सफाई होनी चाहिए। पारंपरिक शोभायात्रा/जुलूस निकलने से पूर्व सम्बंधित मार्ग की विशेष साफ-सफाई की जाए।
    कहीं भी कूड़ा/गंदगी न हो। आमजन की भावनाओं और परम्परा का यथोचित सम्मान करते हुए लोगों की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत होलिका दहन का कार्यक्रम आबादी से दूर कराने का प्रयास करें। इसके लिए स्थानीय प्रशासन लोगों से संवाद बनाएं। पर्व-त्योहारों के मौके पर सभी 75 जिलों में गांव हो या की शहर, बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। होलिका दहन के स्थलों पर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। बिजली के हाईटेंशन लाइन के समीप होलिका दहन न हो। बिजली के।ढीले/लटकते तारों को समय से व्यवस्थित कर लिया जाए। होली के पावन अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं/पर्यटकों का आगमन ब्रज क्षेत्र में हो रहा है। इसी प्रकार, श्रीराम नवमी के मौके पर अयोध्या और चैत्र नवरात्र के मौके पर माँ विंध्यवासिनी धाम,देवीपाटन धाम, सहारनपुर में माँ शाकुम्भरी धाम सहित विभिन्न शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में लोग आएंगे। आस्था और उल्लास के इन महत्वपूर्ण पर्वों के आयोजन को सुशासन, सुव्यवस्था का उदाहरण बनाया जाना चाहिए। लोगों की आस्था का सम्मान किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर नियोजन किया जाना चाहिए। महत्वपूर्ण स्थलों पर आकर्षक साज-सज्जा की जानी चाहिए। तेज गर्मी के बीच लोगों की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था, छाजन आदि की अच्छी व्यवस्था हो। पर्व-त्योहार के मौके पर स्वास्थ्य सहित सभी तरह की आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखा जाए। सभी एम्बुलेंस अलर्ट मोड में हों। मेडिकल कॉलेज हों या अन्य शासकीय अस्पताल, चिकित्सकों/पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। अप्रिय स्थिति के समय तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों/पैरामेडिकल स्टाफ के अवकाश को स्थगित रखा जाना उचित होगा।
    वाराणसी और मथुरा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण नगरों में शुक्रवार (03 मार्च) को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए जाएं। आम जन की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जहरीली शराब का निर्माण और बिक्री कतई न हो। इसे लेकर सभी जनपदों को विशेष सावधानी रखनी होगी।

    यूपी में 3450 परिषदीय विद्यालयों में नहीं हैं शिक्षक

  • 20 फरवरी से शुरू होगी जिले के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया
  • पहले बंद फिर एकल विद्यालयों पर होगी शिक्षकों की तैनाती
  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 20 फरवरी से परिषदीय शिक्षकों की जिले के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ होगी। पहले बंद फिर एकल विद्यालयों पर शिक्षकों की तैनाती होगी। 20 फरवरी को एनआईसी ट्रांसफर पोर्टल शुरू करेगा। 27 फरवरी को शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर अपना विवरण देखेंगे एवं आपत्ति करेंगे। 14 मार्च तक बीएसए आपत्तियों को ठीक करेंगे। 20 मार्च तक सर प्लस / कम शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची जारी की जाएगी। 21 से 26 मार्च तक शिक्षकों द्वारा स्थानांतरण का ऑनलाइन विकल्प भरा जाएगा। 27 मार्च से 6 अप्रैल तक बीएसए द्वारा आवेदन पत्रों के आधार पर डाटा लॉक किया जाएगा। 11 से 16 अप्रैल तक एनआईसी द्वारा स्थानांतरण की कार्रवाई होगी। 18 से 30 अप्रैल तक एनआईसी सॉफ्टवेयर से समायोजन किया जाएगा। 20 से 15 जून तक स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त / कार्यभार ग्रहण होगा। 25 जून तक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अंकित किया जाएगा। प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने बताया शिक्षकों की कमी से 2800 प्राथमिक विद्यालय बंद या एकल शिक्षक हैं। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के ऐसे 650 पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंद अथवा एकल शिक्षक के सहारे हैं।

    पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी सोनभद्र जिला जेल में स्थानांतरित

  • मेडिकल चेकअप के बाद क्वारंटाइन बैरक में रखे गए
  • याकूब के दोनों बेटे भी पूर्वांचल की अलग-अलग जिलों में भेजे गए
  • लखनऊ। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके दोनों बेटों को दूरदराज जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी का रुतबा मेरठ जेल में कम नहीं था। जेल में मिलने वालों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें सोनभद्र जेल शिफ्ट कर दिया गया है जबकि इमरान को सिद्धार्थनगर व फिरोज को बलरामपुर जेल भेजा गया है। याकूब को मंगलवार की शाम करीब पौने सात बजे जिला कारागार सोनभद्र में शिफ्ट किया गया। बैरक में प्रवेश देने से पहले उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। सोनभद्र जिला जेल के अधीक्षक सौरव श्रीवास्तव ने बताया कि याकूब को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। उन्हें सुगर की बीमारी है। उन पर गैंगस्टर समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

    यूपी में 22 आईपीएस के ट्रांसफर

  • प्राची सिंह की लखनऊ कमिश्नरेट से बड़ी तैनाती
  • लखनऊ।उ.प्र.22 आईपीएस अधिकारी के कार्य क्षेत्र में बदलाव,👇👇👇👇👇
    संजीव सुमन बने एसएसपी मुजफ्फरनगर.
    गणेश प्रसाद साहा एसपी लखीमपुर खीरी.
    बीबीजीटीएस मूर्ति बने एसपी कानपुर देहात.
    सौरभ दीक्षित बने एसपी कासगंज.
    दीपक पुष्कर बने डीसीपी प्रयागराज कमिश्नरेट.
    अभिषेक वर्मा बने एसपी हापुड़ संजय कुमार बने एसएसपी इटावा.
    सत्यजीत कुमार गुप्ता बने एसपी संतकबीरनगर.
    केशव कुमार बने एसपी बलरामपुर.
    प्राची सिंह बनी एसपी श्रावस्ती.
    विनोद कुमार बने एसपी मैनपुरी.
    इरज राजा बने एसपी जालौन.
    सोनम कुमार बने डीसीपी आगरा कमिश्नरेट.
    राजेश कुमार सक्सेना बने कमांडेंट 25 वीं बटालियन पीएसी बरेली.
    हेमंत कुटियाल बने विशेष सुरक्षा रेंज बटालियन.
    अरविंद कुमार मौर्य ने एसपी ट्रैफिक निदेशालय.
    अनिरुद्ध कुमार एसपी ग्रामीण मेरठ.
    विनीत जयसवाल वेटिंग में भेजे गए.
    कमलेश कुमार दीक्षित वेटिंग में भेजे गए.
    जय प्रकाश सिंह वेटिंग में भेजे गए.
    सुनीति वेटिंग में भेजी गईं,
    रवि कुमार बने डीसीपी गाजियाबाद कमिश्नरेट.

    निकाय चुनाव में ओबीसी के आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का बड़ा फैसला

  • हाई कोर्ट ने सरकार के द्वारा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को किया रद्द
  • ओबीसी के लिए आरक्षित सभी सीटें अब जनरल मानी जाएंगी
  • हाईकोर्ट ने चुनाव तत्काल कराने के भी दिए निर्देश
  • लखनऊ। UP निकाय चुनाव के लिए हाईकोर्ट का अहम फैसला सरकार द्वारा 5 दिसम्बर को जारी नोटिफिकेशन को रद्द करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ओबीसी आरक्षण के बिना ही चुनाव के आदेश दिए है। यह निर्णय न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर दाखिल 93 याचिकाओं पर एक साथ पारित किया।Also View - हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का आदेश

    खत्म हुआ कार्यकाल अब प्रभारी संभालेंगे जिम्मेदारी

  • नगर निकाय के चेयरमैन, सभासदों का हस्तक्षेप खत्म
  • प्रमुख सचिव नगर निकाय ने जारी किया शासनादेश
  • लखनऊ। यूपी के नगर निगमों, पालिकाओं और नगर पंचायतों में अब मेयर, पार्षद, चेयरमैन व सभासदों का राज कार्यकाल समाप्त होते ही खत्म हो गया है। कार्यकाल को पूरा कर चुके चेयरमैन और सभासदों का हस्तक्षेप खत्म हो गया। वे अब कोई भी महत्वपूर्ण फैसला नहीं ले सकेंगे। अब नगर निकायों की कमान अधिशासी अधिकारियों के हाथों में पहुंच गई है। यूपी के प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग अमृत अभिजात ने शुक्रवार को इसको लेकर शासनादेश जारी कर दिया। कहा है कि उत्तर प्रदेश की नगर निकायों में चुनाव के बाद अधिकांश निर्वाचित हुए बोर्ड को वर्ष 2017 की 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण कराई गई थी। नगर निकाय बोर्ड का कार्यकाल पांच वर्ष का निर्धारित किया गया है। इस वजह से उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में अब नगर निकाय का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को एक परिपत्र जारी कर इस संबंध में आदेश दिए हैं। नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं होने के कारण शासन की ओर से अब प्रशासकों की नियुक्ति का फैसला किया गया है किए गए शासनादेश में कहा गया है कि नगर निकाय के बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद अंतरिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    12 मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों का तबादला

    लखनऊ।यूपी स्वास्थ्य विभाग में तबादले का आदेश जारी किया गया है। इस सूची में 12 मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के तबादले किए गए हैं. जिसका आदेश सचिव रविंद्र ने जारी किया है.

    देखें आदेश👇👇👇👇👇

    रानी लक्ष्मी बाई जयंती पर अटेवा ने ओपीएस बहाली का लिया संकल्प

  • प्रदेश भर में किया दीपदान, सभा कर नई पेंशन को बताया छलावा
  • पुरानी पेंशन बुढ़ापे की लाठी का सहारा हक है हमारा: रंजना सिंह

  • लखनऊ। आल टीचर्स इम्प्लाइज एंड वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व व महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रंजना सिंह के आह्वान पर रानी लक्ष्मी बाई की जयंती संकल्प दिवस के रूप में मनाया। प्रदेश भर में दीपदान कर सभा की गई। लखनऊ में कार्यक्रम में विजय बंधु ने कहा कि पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन चलता रहेगा। यहां महिला प्रकोष्ठ की जिला संयोजक संगीता, लता, निशा देवी, प्रतिमा श्रीवास्तव, गुड्डी देवी, प्रियंका, सुमन, रंजना, हेमलता, लक्ष्मी, दीप्ती मिश्रा, निधि यादव समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। वाराणसी में कचहरी तिराहे पर अम्बेडकर पार्क में कार्यक्रम हुआ। यहां महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रंजना सिंह ने कहा कि एनपीएस एक छलावा मात्र है जिससे आगामी आने वाले समय में शिक्षिका/कर्मचारी बहनों को अपने बुढापे में सामाजिक सुरक्षा का लाभ न मिलकर वृद्धा आश्रम में जाने को मजबूर होना पड़ेगा। पुरानी पेंशन आजाद भारत की सामाजिक सुरक्षा इकाई है सरकार को इसे तुरंत बहाल करना चाहिए। यहां प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र राय, जिला संयोजक चन्द्र प्रकाश गुप्ता, विनोद यादव, बीएन यादव, सुरेंद्र सिंह, सारिका दुबे, कल्पना, रीता, रुक्मणि, प्रीति आदि मौजूद रहे। जौनपुर में जिला संयोजक चन्दन सिंह, सुनीता यादव, अनिता बिंद, अर्पणा वर्मा, सुनीता पाल, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे। सोनभद्र में महिला मोर्चा की जिला संयोजिका बबिता सिंह, अटेवा जिला संयोजक राज मौर्या, मंडल मंत्री रामगोपाल यादव, कमलेश यादव, सूर्य प्रकाश, राधेश्याम पाल, सर्वेश तिवारी, उमा सिंह, सीमा चौबे, कोमल, उत्तमा चतुर्वेदी, मंजरी, पूजा, मधु, अजय, रूमी परवीन, ख़ुशबू, स्वप्निल, कीर्ति, प्रतिमा, शिल्पी, शशिबाला, नमिता आदि अनेकों पेंशनविहीन साथी मौजूद रहे।

    सपा विधायक मो० आजम खान की विधायकी रद्द

    लखनऊ।सपा विधायक मो० आजम खान की विधायकी रद्द सम्बंधी आदेश